छत्तीसगढ़

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दामाखेड़ा आश्रम में कबीर मुनि से भेंट कर लिया आशीर्वाद

Shantanu Roy
30 Nov 2025 9:26 PM IST
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दामाखेड़ा आश्रम में कबीर मुनि से भेंट कर लिया आशीर्वाद
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छग
Raipur. रायपुर। महान संत कबीर साहेब के पावन स्थल दामाखेड़ा आश्रम में आज संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने संत प्रकाश मुनि से सौजन्य भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में धार्मिक विषयों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर भी गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, नेता ओ.पी. चौधरी, किरण सिंह देव और कृष्णा राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने संत कबीर और उनके उपदेशों की वर्तमान समाज में प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।

संत प्रकाश मुनि ने इस अवसर पर कहा कि संत कबीर जी का संदेश आज भी अज्ञानता और भेदभाव मिटाने में मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारा और समानता बनाए रखने के लिए कबीर के उपदेशों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने मंत्री राजेश अग्रवाल के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों की भी सराहना की, जिनके प्रयासों से क्षेत्र में धर्म और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में मदद मिली है। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दामाखेड़ा आश्रम में आने से उन्हें आध्यात्मिक शक्ति और मानसिक बल मिला है। उन्होंने संत कबीर के विचारों को जीवन में अपनाने और सामाजिक समरसता बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और संस्कृति के संरक्षण में सरकार का सहयोग हमेशा जारी रहेगा।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य की कल्याणकारी योजनाओं में धर्म और संस्कृति का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने आश्रम में संत कबीर के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए समाज में सामूहिक चेतना और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भी संत कबीर के सामाजिक संदेशों और आध्यात्मिक शिक्षाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब के उपदेश आज के समय में भी समानता, भ्रातृत्व और मानवता को प्रोत्साहित करने में अत्यंत प्रासंगिक हैं। इस भेंट मुलाकात से धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में मदद मिलेगी। यह कार्यक्रम आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा।
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